Tue. Oct 19th, 2021

आज हमारे देश में बिजली एक सबसे बड़ी समस्या बनकर उभर रही है बिजली कटौती होती है बिजली के बहुत ज्यादा उपयोग होता है लेकिन बिजली की फिर भी पूर्ति नहीं हो पाती है कई तरह के सरकार के प्रयत्न करने के बाद भी आज भी कुछ गांव ऐसे हैं और शहर जहां बिजली की कटौती की जाती है.बिजली समस्या से निपटने के लिए हमारी सरकार प्रशासन नए नए तरीके अपना रहे हैं.

काफी प्रयास किए जा रहे हैं इस बिजली समस्या को सुलझाने के लिए. ऐसे में जनता को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है अब एक गांव से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे जानने के बाद शायद हमारे देश कि जनता जागरुक हो और वह अपने कदम इस बिलजी समस्या को जड़ से ख़तम करने के प्रयास जुटाए.

आपको बता दें राजस्थान में  में 9 थर्मल पावर प्लांट कोयले की कमी होने के कारण बंद कर दिए गए. यह मामला राजस्थान से सामने आया है तो आइए हम आपको बताएं क्या है पूरा मामला. राजस्थान के किसान ने अपनी बंजर पड़ी जमीन पर ही सोलर प्लांट लगाकर महीने की 4 लाख इनकम का जरिया बना लिया है और बिजली समस्या से भी छुटकारा पा लिया है.

 


ये मामला राजस्थान के कोटपुली स्थित भालोजी गांव मैं रहने वाले एक डॉक्टर अमित यादव ने अपनी 3.5 एकड़ जमीन पर सोलर प्लांट लगवाया.अमित यादव ने अपना यह सोलर प्लांट “प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान योजना के द्वारा लगवाया” सोलर प्लांट लगवाने के बाद डॉ अमित यादव ने सोलर प्लांट लगाने के बाद से काफी लाभ उठाया है.अमित यादव के पिता देवकरण यादव ने बताया कि इस कार्य को करने के लिए उनके परिवार और रिश्तेदारों ने भी उनकी काफ़ी सहायता कि. जानकारी के अनुसार  प्रधानमंत्री योजना  के तहत देवकरण यादव के गांव भालोजी में यह पहला सोलर प्लांट लगवाया गया है. जो काफी चर्चा का विषय भी बना हुआ है.

सोलर प्लांट को लगाने के पश्चात से डॉक्टर अमित यादव को प्रतिमाह चार लाख की इनकम होती है.इस सोलर प्लांट लगवाने के लिए डॉक्टर अमित यादव को 3.5 करोड़ रुपए खर्च हूए. जानकारी के अनुसार डॉ अमित यादव ने “राजस्थान रिन्यूएबल एनर्जी कॉरपोरेट लिमिटेड “से 25 वर्ष के लिए अपने सोलर प्लांट का कॉन्ट्रैक्ट करवाया है. उन्होंने सोलर प्लांट लगाने का यह उपाय तब सोचा जब को एक बार बहुत ज्यादा बिजली का बिल भुगतान करना पड़ा था. और इतने बिजली के बिल के भुगतान से बचने के लिए उन्होंने  उन्हें सोलर प्लांट के बारे में पता चला. इसके बाद डॉ अमित यादव ने इस सोलर प्लांट को बड़े स्तर पर लगाने के बारे में विचार और अपने खेत में ही इतना बड़ा सोलर प्लांट लगवा दिया.

अमित यादव ने सोलर प्लांट लगाने के लिए अपनी प्रॉपर्टी भी गिरवी रख दी और अपने पिताजी के रिटायरमेंट के पैसे भी सब जमा पूंजी इसी प्लांट में निवेश कर दिया.काफी समस्याओं का सामना किया लेकिन यहां के अधिकारियों को सोलर प्लांट को लेकर कुछ खास जानकारी नहीं थी.और कोई भी स्थानीय अधिकारी इस कार्य को करने के लिए हामी नहीं भर रहा था.पावर ग्रिड से बिजली सप्लाई करने के लिए अमित यादव को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा.प्लांट बनकर तैयार था लेकिन  प्रोडक्शन रुका हुआ था.

इसके लिए अमित यादव ने पीएमओ में शिकायत दर्ज कराई। प्लांट बंद कर 3 महीने तक वैसे ही पड़ा रहा फिर बाद में उनकी समस्या का हल निकला और उनका सोलर प्लांट शुरू हो गया.ऐसे ही बिजली की बचत के लिए और बिजली के उपयोग को पूरा करने के लिए हमारी जनता को जागरूक होने की काफी आवश्यकता है.ताकि वह भी सोलर प्लांट लगाए और देश से बिजली संकट को बचाने में सरकार और प्रशासन की मदद कर सके.

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *